सफलता के शिखर पर काबिज शहर का ‘गौरव’
धैर्य और आत्मविश्वास ने गौरव को बनाया बिग बास-19 का विजेता
सिविल लाइंस निवासी कारोबारी पिता विनोद खन्ना व शशि खन्ना से बेटे ने साझा की खुशी
रविंदर सिंह लाडी/ डीटीएनएन
कानपुर। रियलिटी शो बिग बास सीजन 19 में ग्रैंड फिनाले में विजेता बने सिविल लाइंस निवासी गौरव खन्ना को जीत यूं ही नहीं मिली। गौरव ने पूरे सीजन में धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखा। ये कहना है कि गौरव के पिता विनोद खन्ना व मां शशि खन्ना का। विजेता बनने के बाद गौरव ने सोमवार दोपहर मां और पिता से बात की और करीब आठ मिनट की वार्ता में उसे पूरे सीजन के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। साथ ही गौरव ने अगले 15 दिन में कानपुर आने की बात कही। वहीं, क्षेत्रीय निवासी आनन्देश्वर सिंह दयाल, विकास चौधरी, आदर्श त्रिपाठी, रमेश तिवारी, पंकज निगम, गुड्डू चौधरी ने बताया कि गौरव के आगमन को लेकर स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है।
चर्म निर्यात कारोबारी व पिता विनोद बताते हैं कि गौरव के शांत, सौम्य स्वभाव की सभी लोग प्रशंसा करते थे। उसी स्वभाव की वजह से रियलिटी शो बिग बास पूरे सीजन में काफी आलोचनाएं झेलने के बाद भी धैर्य और संयम, आत्मविश्वास का उदाहरण पेश करके विजेता बने है। मां शशि ने बताया कि गौरव को मिठाई में घर के बेसन के लड्डू और पनीर की सब्जी व दाल पसंद है। वो जब घर आएगा तो उसके मनपसंद व्यंजन बनाकर खिलाएंगे।
सिविल लाइंस में पड़ोसियों ने मनाया जश्न, बोले-विश्वास था गौरव ही बेनेंगे विजेता
शहर के बेटे गौरव खन्ना जैसे ही रियलिटी बिगबास सीजन-19 के विजेता बने, वैसे ही कनपुरियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सिविल लाइंस में पड़ोसियों ने जमकर जश्न मनाया और कहा कि शो के शुरू होते ही हमें पूरा विश्वास था कि गौरव ही विजेता बनेंगे। वह बचपन से ही सरल, मृदुभाषी, मिलनसार स्वभाव के रहे हैं। उन्हें यह स्वभाव पिता विनोद खन्ना और मां शशि खन्ना से विरासत के रूप में मिला है। इसके चलते वह सफलता के शिखर पर पहुंचे हैं।
सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल और पीपीएन कालेज से की पढ़ाई
टीवी सीरियल अनुपमा में अनुज कपाड़िया का किरदार निभाने वाले गौरव सेलेब्रिटी मास्टर शेफ के बाद अब बिग बास-19 के विजेता भी बन गए हैं। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल, कैंट से की। वे स्कूल के वर्ष 2000 बैच के छात्र हैं। पीपीएन डिग्री कालेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीए करने के लिए मुंबई गए। वहां पर पढ़ाई के साथ ही मार्केटिंग की नौकरी की। फिर अभिनय की दुनिया में नाम कमाने का फैसला लिया। लिहाजा, छोटे-छोटे टीवी शो में एक्टिंग कर अभिनय कौशल को निखारते गए। सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल, कैंट के प्रिंसिपल गणेश तिवारी ने बताया कि गौरव स्कूल में नर्मदा बैच के कप्तान रहे हैं। बिग बास में जाने से पहले वह स्कूल में हुए एक कार्यक्रम में छात्रों के बीच पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपनी सफलता की कहानी के बारे में बताया था और स्कूल के बाद की अपनी यात्रा को साझा किया था।