रमऊ में एक ही फर्म का मल्टीपरपज उपयोग, फर्म का मालिक बन गया मजदूर
जिम्मेदार सब कुछ जानते हुए भी बने अनजान
डीटी एनएन।कानपुर देहात
राजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रमऊ में शासन के निर्देशों एवं मानकों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में एक ही फर्म के माध्यम से संपूर्ण सामग्री क्रय करने के साथ फर्म के मालिक को ही मजदूर दर्शा कर लाखों रुपए निकालने का मामला प्रकाश में आया है। इससे पंचायत में वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों को लेकर प्रधान को पुरस्कृत भी किया गया है, लेकिन नियमों की अनदेखी कर धनराशि निकाले जाने की चर्चा भी तेजी से चल रही है।
राजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रामऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पहुंचकर वहां बने पंचायत सचिवालय समेत पार्क एवं तालाब का निरीक्षण कर विकास कार्यों पर संतुष्टि जताई थी। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए गांव में जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगाकर गांव के विकास को गति दी थी। गांव के बेहतर विकास के लिए ग्राम प्रधान जमाल अहमद को सम्मानित भी किया जा चुका है।
लेकिन इसके पीछे ग्राम पंचायत के विकास में शासन के निर्देश और नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायत निधि में आने वाले धनराशि को मनमाने तरीके से खर्च किया गया। सूत्रों के मुताबिक गांव के ही एक कबीर अहमद नाम के व्यक्ति की हिंद सप्लायर नामक फॉर्म्स को मल्टी पर्पस रूप से ग्राम पंचायत में उपयोग किया गया। ग्राम पंचायत की सभी प्रकार की सामग्री सीमेंट, इंटर लाकिंग ईट, मौरंग, बालू, ब्रिक्स, सहित पंचायत सचिवालय के कायाकल्प के कार्यों एवं फॉल सीलिंग समेत आंगनबाड़ी के बर्तन, भाड़ा साफ सफाई आदि सभी का भुगतान हिंद सप्लायर ना एलमक फर्म में किया गया। जबकि ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्य में मजदूरी का भुगतान इसी फर्म के मालिक कदीर अहमद के नाम संचालित निजी अकाउंट में किया गया है।
इससे बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी डिप्टी सीएम के द्वारा दौरा कर चुके गांव में वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आने के बाद भी जांच करने से कतरा रहे हैं। वही लाखों का व्यापार करने वाले फर्म मालिक को मजदूर बनाकर श्रमिक राशि का भुगतान करना अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी पंचायत विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे सरकार की जीरो टॉरलेंस की नीति के साथ विकास कार्यों को अंजाम देने की योजना विफल नजर आ रही है। वहीं प्रमुख सचिव के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ रही है। वही इस कृत्य पर पंचायत के वित्त नियंत्रक अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए है।
बोले जिम्मेदार
सहायक विकास अधिकारी पंचायत कल्याण सिंह ने बताया कि मामला प्रकाश में आया है ग्राम सचिव से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ अभिलेख मांगकर जांच की जाएगी। नियमो की अनदेखी करने का मामला प्रकाश में आने पर कार्रवाई की जाएगी।