अंजनी निगम, डीटीएनएन
कानपुर , समाजवादी पार्टी ने अभी तक प्रदेश में अयोध्या की सीट पर पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया हो लेकिन उन्होंने प्रदेश की बहुत सी सीटों पर नेताओं को टिकट देने के संकेत दे दिये हैं जिसके आधार पर बिठूर से सपा ग्रामीण के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक तो कल्याणपुर से पूर्व विधायक सतीश निगम ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। यूपी चुनाव की आहट पर सपा ग्रामीण की तैयारियों पर दीनार टाइम्स के समाचार संपादक ने अध्यक्ष मुनीन्द्र शुक्ल से वार्ता की जिसके अंश प्रस्तुत हैं …
प्रश्न – ग्रामीण में अध्यक्ष कब बने, कहां तक विस्तार हुआ ?
उत्तर – सपा ग्रामीण में सबसे पहले 1999 में अध्यक्ष की बागडोर मिली और 2012 तक लगातार अध्यक्ष रह कर संगठन को मजबूत किया। इसके बाद चुनाव लड़ने और जीतने पर जिम्मेदारी हटा दी गयी लेकिन पार्टी प्रमुख अखिलेश जी ने 2023 की शुरुआत में फिर से मुझे ग्रामीण अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी तो उसे पूरे परिश्रम से पूरा कर रहे हैं।
प्रश्न – सपा ग्रामीण में सांगठनिक ढांचा कैसा है ?
उत्तर – पहले 15 और इधर चार सालों से ग्रामीण के अध्यक्ष होने के नाते हर विधानसभा क्षेत्र के सभी ब्लाकों और ग्रामों में जाना होता रहता है। सभी स्थानों पर बूथ और वार्ड स्तर पर संगठन बना ही नहीं है बल्कि सक्रिय भी है जिसका प्रमाण होने वाले कार्यक्रमों में एकत्र होने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या से पता लगता है। जहां तक बिठूर की स्थिति है तो हर चुनाव में मिलने वाले वोट इसके साक्षी हैं। 2017 के चुनाव में बिठूर में प्रत्याशी के रूप में 54 हजार वोट मिले तो 2022 में करीब 34 हजार वोट बढ़ गए जबकि 2024 के लोकसभा चुनावों में बिठूर में पार्टी को 1.13 लाख वोट मिले जबकि भाजपा को यहां पर 10 हजार कम वोट मिले।
प्रश्न – 2027 के चुनाव में क्या और कैसा सीन रहने वाला है ?
उत्तर – वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्र की पांचों सीटों पर भाजपा के विधायक हैं लेकिन संगठन की जिम्मेदारी होने के नाते सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाना होता है और लोगों से वार्ता भी होती है। लोग भाजपा की नीतियों और विधायकों के कार्यप्रणाली से बुरी तरह परेशान हैं। महंगाई बेरोजगारी की समस्या तो है ही, भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न बुरी तरह बढ़ा है तभी तो रोज बहुत से लोग मेरे पास सुबह सात बजे से ही शिकायतें लेकर आ जाते हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस और तहसील से संबंधित होती हैं। बिठूर हो या महाराजपुर, यहां भाजपा के संरक्षण में खनन तो घाटमपुर में मोरंग-बालू की डंपिंग से लोग त्रस्त हैं। कल्याणपुर में भी सड़कों की दुर्दशा के कारण लोग परेशान हैं तो बिल्हौर में विधायक की हरकतें किसी से छिपी नहीं हैं।
प्रश्न – यदि ऐसी स्थिति है तो 2027 के चुनाव में सपा की जीत का आधार क्या होगा ?
उत्तर – दरअसल, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में राजनीतिक स्थितियां अलग होती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जाति बिरादरी का फैक्टर अधिक काम करता है। जहां तक बिठूर की बात है, दो बार से यहां जाति आधारित वोटिंग हो रही थी किंतु वहां विधायक के संरक्षण में दो-दो चार-चार लड़के मिट्टी खनन का काम कर रहे हैं। जिसके चलते उनकी बिरादरी के वोटर में ही रोष है कि नारे हम लगाएं और पैसा दो-चार लोगों को ही कमाने दिया जाए।
प्रश्न – प्रत्याशियों की घोषणा कब तक होगी, क्या सब जगहों पर प्रत्याशी मिल जाएंगे ?
उत्तर – अयोध्या सीट को छोड़कर अभी कहीं किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिन लोगों से तैयारी करने को कहा है, वो सभी लोग अपने अपने क्षेत्रों में तैयारी में जुट गए हैं। मैं खुद बिठूर में, सतीश निगम कल्याणपुर में लगे हैं। इसी तरह अन्य स्थानों पर भी दावेदार सक्रिय हैं। जहां तक प्रत्याशी घोषणा की बात है, उसमें अभी देरी है। जैसी चर्चा है कि भाजपा में करीब 200 सिटिंग एमएलए जिनकी रिपोर्ट अच्छी नहीं है, के टिकट काटे जाएंगे। इसले मुझे लगता है कि भाजपा की सूची आने के बाद ही वहां के समीकरणों के आधार पर सपा में प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। हर सीट पर दावेदार बढ़ रहे हैं, वैसे भी सब अपनी-अपनी तैयारी शुरु कर चुके हैं, बस घोषणा होते ही पूरे जोश के साथ निकल पड़ेंगे। 2027 के चुनावों में ग्रामीण की सभी सीटों पर जीत होगी और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है।