डीटीएनएन, कानपुर।
गुजैनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर से चालिहा महोत्सव के 40वें दिन रविवार को विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा की शुरुआत सुबह मंदिर प्रांगण से हुई और पूरे क्षेत्र में भक्तिरस का अद्भुत वातावरण छा गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर धुन और जयकारों से गलियां-गलियां गूंज उठीं।
भव्य मार्ग और श्रद्धा का सागर
यह शोभायात्रा बर्रा-3 स्थित झूलेलाल मंदिर से होते हुए शास्त्री चौक चौराहे, इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट और रतनलाल नगर से गुजरती हुई अंत में गुजैनी स्थित झूलेलाल मंदिर में संपन्न हुई। पूरे मार्ग पर श्रद्धालु फूलों की वर्षा करते और भगवान झूलेलाल के जयकारे लगाते दिखे।
झांकियों ने खींचा भक्तों का ध्यान
यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण आध्यात्मिक झांकियां रहीं। भगवान झूलेलाल, प्रभु श्रीराम, महाकाल, झूलेलाल अमर कथा समेत विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से सजी झांकियां भक्तों को ऐसा अहसास करा रही थीं मानो दिव्य लोक धरती पर उतर आया हो।
सेवा और भक्ति का संगम
पूरे आयोजन में सेवादारों की भूमिका भी सराहनीय रही। अध्यक्ष मनोज माखीजा, मंत्री आर.के. बजाज, धीरज हिरानी, करण कुकरेजा, कमल सहित कई सेवादारों ने शोभायात्रा को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिससे सभी भक्तों ने आयोजन का आनंद उठाया।
भक्ति और आस्था का अविस्मरणीय अनुभव
भक्तों ने बताया कि इस शोभायात्रा ने उनके जीवन में एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव जोड़ा है। छटा ऐसी बिखरी कि हर कोई झूलेलाल की जयकारों में खो गया।
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