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आयातित विधायक कर रहे मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षाः मनोज शुक्ला

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  • पूर्व कानपुर देहात भाजपा अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने दीनार टाइम्स से की एक्सक्लूसिव बातचीत

अंजनी निगम, डीटीएनएन

कानपुर, भाजपा देहात के पूर्व अध्यक्ष मनोज शुक्ला का कहना है कि देहात की चार विधानसभा क्षेत्रों में से चारो में दूसरे दलों से आए लोग विधायक ही नहीं बल्कि चार में से तीन मंत्री भी है। ये लोग अपनी टीम के साथ बीते विधानसभा चुनावों के पहले पार्टी में शामिल हुए और उसी टीम से घिरे रहते हैं जिसके कारण पार्टी के मूल कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने तय किया है कि इन कार्यकर्ताओं की आवाज वे स्वयं बनेंगे और उनकी बात प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। प्रस्तुत है कानपुर देहात में उठे विरोधी स्वरों पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज शुक्ला से वार्ता ….

प्रश्न – चारो जनप्रतिनिधियों को लेकर आपकी क्या आपत्ति है जो आरोप लगा रहे हैं ?


उत्तर – कानपुर देहात जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं जिनमें सिकंदरा से अजीत पाल, रसूलाबाद से पूनम संखवार बसपा से चुनाव लड़ चुकी हैं, प्रतिभा शुक्ला भी बसपा से विधायक थीं, चौथे भोगनीपुर से राकेश सचान वह भी चुनाव के चार दिन पहले पार्टी ज्वाइन कर विधायक और मंत्री बन गए। पार्टी का मूल कार्यकर्ता संगठन के अंदर अपने को उपेक्षित महसूस कर रहा है क्योंकि उसका कोई भी काम नही हो पा रहा है। इन लोगों ने अपने अपने फैन एसोसिएशन बना रखी है और उन्हीं के काम करते हैं।

प्रश्न – राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला को लेकर आप काफी एग्रेसिव दिख रहे हैं क्या कारण है ?


उत्तर – प्रतिभा शुक्ला सरकार में मंत्री हैं फिर भी थाना, तहसील, एसपी और सीडीओ के यहां धरना देकर सरकार की छवि खराब कर रही हैं, उन्हें तो मंत्री होने के नाते अधिकारियों को तलब कर सीधे निर्देश देना चाहिए किंतु वे ऐसा न कर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली पर ही सवालिया निशान लगाने का काम कर रही हैं जो गलत है।

प्रश्न – प्रतिभा शुक्ला के पति अनिल शुक्ला ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न और निजात न मिलन पर आत्म हत्या की चेतावनी दी थी, इस पर क्या कहना है ?


उत्तर – भाजपा का नारा है सबका साथ सबका विकास जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, अनुसूचित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक सभी कार्य कर रहे हैं लेकिन प्रतिभा शुक्ला के पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी अपने को ब्राह्मण बताने की कोशिश में लगे हैं जो पार्टी की नीति के विरुद्ध है। भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है उसमें जाति को चिन्हित कर काम करने का क्या मतलब है।

प्रश्न – इन जन प्रतिनिधियों पर संगठन क्यों नहीं लगाम लगा रहा ?


उत्तर – वर्तमान समय में तो रेनुका सचान जिला अध्यक्ष हैं किंतु जब मैं स्वयं अध्यक्ष था तो सभी जन प्रतिनिधियों को पार्टी कार्यालय में बुलाया जाता था किंतु कभी भी इन लोगों ने संगठन के बैनर तले आना पसंद नहीं किया।

प्रश्न – पार्टी नेतृत्व से आपकी क्या अपेक्षा है ?


उत्तर – पार्टी का जो मूल कार्यकर्ता है उसे संरक्षित किया जाना चाहिए। आज भी संगठन के कार्यक्रम होने पर दरी बिछाने से लेकर माइक लगाने और पानी पिलाने आदि की व्यवस्था तो वही करता है किंतु जैसे ही मंच पर ये लोग टोली लेकर काबिज हो जाते हैं तो वह ठगा सा महसूस करता है। इनकी टोली के लोगों में कोई खनन कर रहा है तो कोई जमीन पर कब्जा कर रहा है।

सार्वजनिक बयानबाजी गलतः प्रकाश पाल

सार्वजनिक बयानबाजी गलतः प्रकाश पाल

कानपुर देहात में उभरे बगावती स्वर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से बयान देना कतई उचित नहीं है यदि किसी को भी संगठन के भीतर या किसी जनप्रतिनिधि से शिकायत है तो उसे अपनी बात पार्टी फोरम पर आकर कहना चाहिए। यह पूछने पर कि पूर्व अध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी सहित करीब दो दर्जन लोगों ने पत्रकारों से वार्ता करके कानपुर देहात के चारो जनप्रतिनिधियों मंत्री राकेश सचान, प्रतिभा शुक्ला, अजीत पाल और पूनम संखवार के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं जिनसे पार्टी की छवि खराब हो रही है, इस पर कैसे नियंत्रण किया जाएगा तो उन्होंने कहा कि सारा मामला प्रदेश नेतृत्व के संज्ञान में है और अब इस मामले में वही जो उचित होगा कार्रवाई करेगा

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