Download App from

Follow us on

जिले में अग्निशमन संसाधनों का टोटा, हर साल करोड़ों का होता नुकसान नौ दमकल गाड़ियों के सहारे जिले की अग्निशमन व्यवस्था संसाधनों की कमी से गर्मी में आग की घटनाओं का होता इजाफा

Spread the News

डीटी एनएन।कानपुर देहात।
जिले में आग बुझाने के समुचित इंतजाम नहीं हैं। इससे गर्मी शुरू होते ही लोगों को फिर से आगजानी की घटनाओं का खतरा डराने लगा है। नौ दमकल गाड़ियों के सहारे जिले की आग की घटनाओं पर नियंत्रण की व्यवस्था निर्भर कर रही है।इससे फायरकर्मियों को आग पर नियंत्रण में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लंबी भागदौड़ के बाद जब तक दमकल जवान मौके पर पहुंचते हैं,उसके पहले ही अधिकांश घटनाओं में सबकुछ जलकर खाक हो जाता है।

करीब 25 लाख की आबादी व 3142.88 वर्ग किमी क्षेत्रफल के दायरे में फैले जिले में 9 फायर टेंडरों के सहारे अग्निसुरक्षा की कमान है। यहां 4500 लीटर वाले दो दमकल गाड़ियों के अलावा 2000 लीटर के तीन व 2000 लीटर के एक हाई प्रेशर तथा 400 लीटर के 3 दमकल गाड़ियां के सहारे औद्योगिक क्षेत्र रनियां व जैनपुर के अलावा जिला मुख्यालय,6 तहसीलों,10 ब्लाकों व 13 नगरीय क्षेत्रों तथा 640 ग्राम पंचायतों की अग्निसुरक्षा की जिम्मेदारी है। संसाधनों की कमी से गर्मी में आग की घटनाओं में हर साल जहां किसानों की सैंकड़ों बीघे फसल जलकर खाक हो जाती है। वहीं फायर फाइटिंग सिस्टम दुरुस्त न होने से फैक्ट्रियों में आग की घटनाओं से करोड़ों का नुकसान होता है।

पिछले साल जिले में हुई 947 आग की घटनाएं:
अग्निशमान विभाग के आकड़ों के अनुसार जनपद में वर्ष 2024 में आग लगने की 947 घटनाएं हुईं। इसमें फैक्ट्री श्रमिकों सहित 9 लोगों की मौत हो गई। जबकि आग की चपेट में आकर 22 पशुओं ने भी दम तोड़ दिया। वहीं आग की चपेट में आकर 700844500 रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। जबकि अग्निशमन कर्मियों के प्रयास से 1672787700 रुपये की संपत्ति को जलने से बचाया गया। अब गर्मी शुरू होते ही लोगों को फिर से आग का खतरा डराने लगा है।

जनपद में अग्निशमन विभाग में स्टाफ की स्थिति
पद स्वीकृत उपलब्ध

सीएफओ 01 01

एफएसएसओ 05 01

एफएसओ 05 02

लीडिंग फायरमैन 14 09

चालक 15 09

फायरमैन 99 65

बोले जिम्मेदार
जनपद में संसाधनों की कमी है। 4500 लीटर क्षमता की एक दमकल जल्द उपलब्ध होने की संभावना है, इसके आने पर दमकल गाड़ियों की संख्या 10 हो जायेगी।मैथा तहसील में भूमि उपलब्ध होने के बाद शासन में अग्निशमन केंद्र का प्रस्ताव लंबित है। उपलब्ध संसाधनों से आग की घटनाओं पर नियंत्रण के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही आग की घटनाओं को रोकने व बचाव के लिए लोगों को बराबर जागरूक भी किया जाता है। -सुरेंद्रसिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।