अंजनी निगम, डीटीएनएन
कानपुर , महापौर प्रमिला पांडेय का कहना है कि उनके कार्यकाल में कराए गए काम खुद ही गवाही दे रहे हैं। काम कराने के मामले में वो किसी के साथ भेदभाव नहीं करती हैं। कहीं भी समस्या आने पर सबसे पहले पहुंच विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देकर हल कराती हैं। दीनार टाइम्स के समाचार संपादक ने उनसे खुल कर सवाल किए और उन्होंने भी साफगोई से जवाब दिये। उनका कहना है कि पार्टी ने मुझे दोबारा प्रत्याशी बनाया और शहर की जनता ने दो लाख वोटों से विजय दिलायी इसलिए उनकी चिंता करना हमारा दायित्व भी बनता है।
प्रश्न – शहर में पर्यावरण की समस्या गंभीर है, इसके लिए क्या कोई काम किया है ?
उत्तर – आपने बिल्कुल सही विषय उठाया, इस समस्या को ध्यान में रख शहर को पर्यावरण से संरक्षित करने के लिए कालपी रोड पर स्माल आर्म्स फैक्ट्री के सामने “नमो वन” की स्थापना की है जहां लाखों पेड़ हरियाली के साथ ही शहर वासियों को स्वच्छ ऑक्सीजन दे रहे हैं। इस वन का उद्घाटन प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया था।
प्रश्न – कोई और उल्लेखनीय कार्य जिससे शहर का गरीब वर्ग लाभान्वित हो ?
उत्तर – ब्रजेन्द्र स्वरूप पार्क में सामाजिक संस्था के सहयोग से “मंगल भवन” का निर्माण कराना है। हर गरीब की भी इच्छा होती है कि वो अपने बच्चों का विवाह आदि मांगलिक कार्य शान के साथ कर सके किंतु गेस्ट हाउसों या होटलों के महंगे खर्च के चलते वह वहां नहीं जा पाता है। ऐसे लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए ही मंगल भवन बनाया गया है जहां बहुत ही कम शुल्क लेकर स्थान उपलब्ध काराय जाता है ताकि गरीब भी अपने मांगलिक कार्यक्रम खुशी के साथ मना सकें।
प्रश्न – बहुत से लोग धार्मिक उत्सव करना चाहते हैं किंतु सुरक्षित स्थान नहीं मिलता है ?
उत्तर – नगर में बहुत सी धार्मिक संस्थाएं हैं जो समय-समय पर आयोजन करती हैं। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नानाराव पार्क “महोत्सव पांडाल” बना कर दिया है। अब वहां पर आये दिन कार्यक्रम होते रहते हैं।
प्रश्न – आपने मंदिरों के जीर्णोद्धार और कब्जा मुक्त कराने का अभियान शुरु किया था किंतु वह मूर्त रूप नहीं ले सका ?
उत्तर – यह सही है कि मैंने मंदिरों का बीड़ा उठाया था और ऐसे उपेक्षित पड़े 125 मंदिरों को चिन्हित किया। फोटो सहित उनकी सूची पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध कराई ताकि उन स्थानों को कब्जा मुक्त कराएं लेकिन प्रशासन ने सुना ही नहीं। कब्जा हटने के बाद ही वहां की साफ सफाई और मरम्मत का बंदोबस्त हो सकेगा।
प्रश्न – स्मार्ट सिटी योजना के तहत चुन्नीगंज में कन्वेंशन सेंटर तो बनकर तैयार हो गया किंतु आज तक उद्घाटन नहीं हो सका है ?
उत्तर – आपकी बात सही है, नगर निगम का काम स्थान मुहैया कराना था सो करा दिया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत वहां पर भवन भी बन कर तैयार हो गया किंतु उसके उद्घाटन में अड़ंगा लगा है। मैंने मंडलायुक्त से इस बारे में कई बार कहा है अब तो वही बता सकेंगे कि क्यों नहीं हो पा रहा है। वहां नगर निगम को जो करना था कर दिया है। वहां पर हाट बाजार भी बनना था जो रुका हुआ है।
प्रश्न – बारिश में जगह जगह जल भराव की समस्या देखने में आती है, तब लोग घरों में बैठ कर नगर निगम को कोसते हैं ?
उत्तर – जल भराव का सबसे बड़ा कारण अतिक्रमण है। नगर निगम तो अतिक्रमण हटाने का काम कर देता है लेकिन जिला प्रशासन के ध्यान न देने के कारण वह फिर से लग जाता है। सीसामऊ नाले का अतिक्रमण कम से कम 10 बार हटाया गया होगा लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही से वहां फिर से लग जाता है। पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद उसे फिर से न लगने दिया जाए। चट्टों के कारण सीवर लाइन जाम की समस्या देख कर शहर को चट्टा रहित कर दिया था लेकिन फिर से सब काबिज हो गए।
प्रश्न – मेट्रो की बेतरतीब खोदाई भी समस्या बन जाती है, क्या उनसे बात नहीं होती ?
उत्तर – हर दूसरे महीने मेट्रो के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर निर्देश देते हैं कि जहां कहीं भी खोदाई करें, डाइवर्जन ठीक करें और उन्हें चलने लायक बनाएं। इतना ही नहीं जैसे ही खोदाई का काम पूरा हो जाए, खोदी गयी सड़क को तुरंत दुरुस्त करें।
प्रश्न – पार्षदों की गुटबाजी से कार्य भी प्रभावित हो रहा है और पार्टी की छवि भी, इस बारे में क्या कहना है ?
उत्तर – पार्षदों का यह कहना बिल्कुल भी गलत है कि उनके वार्ड में पक्षपात किया जा रहा है काम नहीं हो रहा है। नगर निगम में हर वार्ड के आंकड़े हैं कि किस वार्ड में कितना काम हुआ है। बीते छह माह में एक-एक पार्षद के यहां पांच से छह करोड़ का काम हुआ है। किसी के साथ कोई दुर्व्यवार या पक्षपात नहीं हो रहा है। सब पार्टी के लोग हैं, घर का मामला है लेकिन कुछ लोग इसे तूल देने का काम कर रहे हैं जिनके बारे में सबको पता है। मैं उन लोगों के बारे में कुछ बोलना नहीं चाहती।